Your life will change here ..
  • Advertisement

  • Categories

  • « | Home | »

    भव्य चातुर्मास कलश स्थापना समारोह “मुनि श्री 108 अतिवीर जी महाराज”

    By admin | July 22, 2009

    सिंहरथ प्रवर्तक, त्रिलोक तीर्थ प्रणेता परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज के परम आशीर्वाद से उनके शिष्य परम पूज्य गुरुवर मुनि श्री 108 अतिवीर जी महाराज  के चतुर्थ चातुर्मास हेतु कलश स्थापना समारोह का भव्य आयोजन रविवार दिनांक 5 जुलाई 2009 को श्री दिगम्बर जैन नया मन्दिर जी, धर्मपुरा, चांदनी चौक, दिल्ली – 110006 में प्राचीन श्री अग्रवाल दिगम्बर जैन पंचायत की ओर से किया गया|

     

     

    समारोह का शुभारम्भ प्रातः 9:30 बजे पूज्य मुनि श्री के सान्निध्य में श्री दिगम्बर जैन लाल मन्दिर जी, चांदनी चौक, दिल्ली से भव्य शोभा-यात्रा के साथ हुआ| शोभायात्रा में श्री जिनवाणी माँ के चारों अनुयोगों को चार पालकियों पर विराजमान किया गया| 108 इन्द्राणी तथा 56 कुमारियों के साथ शोभायात्रा की छठा निराली मालूम पड़ रही थी| स्कूली बच्चों के हाथ में जिन-धर्म ध्वजाये कल-कल करती लहरा रहीं थी| मंगलकारी चातुर्मास कलश तथा अन्य 4 सम्यक तप कलश पालकी में विराजमान कर शोभायात्रा के साथ चल रहे थे| शोभायात्रा का मार्ग पर विभ्भिन स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया तथा पूज्य मुनि श्री के पाद प्रक्षालन कर मंगल आरती की गई|


     

    श्री ऋषभदेव भगवान, गुरुवर आचार्य श्री एवं पूज्य मुनि श्री के जय-घोष के साथ सभा का शुभ-आरम्भ हुआ| प्रसिद्ध गायिका श्रीमती बबिता जैन झांझरी द्वारा मंगलाचरण किया गया| मंगलकारी जैन ध्वज का रोहण विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया गया| समाज के बच्चों द्वारा भजन पर सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया गया| मूलनायक वेदी में विराजमान श्री 1008 ऋषभदेव भगवान, परम पूज्य गुरुवर आचार्य श्री तथा पूज्य मुनि श्री के चित्रों का अनावरण कर-तल ध्वनियों के मध्य किया गया| पूज्य मुनि श्री के पाद-प्रक्षालन, मंगल आरती तथा शास्त्र भेंट आमंत्रित अतिथियों द्वारा किया गया|

     

     

    श्री चक्रेश जैन ने पूज्य गुरुदेव के चरणों में विनयांजलि अर्पित की एवं क्षेत्र में दिगम्बर संतों के चातुर्मास के महत्व पर प्रकाश डाला| अव्यवस्थित पड़े प्राचीन तीर्थो के संरक्षण हेतु तीर्थ क्षेत्र कमिटी द्वारा संकल्प कलश भी विराजमान किया गया| समस्त समाज के अथक प्रयासों से अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए|

     

    अंत में पूज्य गुरुदेव के आशीर्वचन सुनने का लाभ प्राप्त हुआ| पूज्य गुरुदेव ने चातुर्मास का महात्मय समझाया तथा चातुर्मास के अनंतर स्वाध्याय एवं विशेष धर्म प्रभावना के लिए समाज को प्रेरित किया| कलश दतारों द्वारा चातुर्मास कलश तथा सम्यक तप कलश विराजमान किये गए|  मुनि श्री ने विधिवत् चातुर्मास स्थापना की तथा क्षेत्र बंधन कर चातुर्मास के अनंतर केवल दिल्ली राज्य में ही विहार करने का निर्णय किया|

    | अधिक जानकारी के लिए www.ativeermuni.blog.co.in देखें|
    संपर्क सूत्र – संघस्थ श्री प्रवीण जैन (रानू) 09711244601, 09213314377

    Related posts:

    1. मुनि 108 श्री विशोक सागर जी महाराज का चातुर्मास शिमला मे
    2. परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज (बड़ागाँव वाले)
    3. श्वेताम्बर संतों का अशोक विहार (दिल्ली) में मंगलमय चातुर्मास प्रवेश
    4. महासती श्री केसरदेवी जी,श्री विमला जी,डा.विजया श्री जी एंव डा.प्रतिभा श्री जी महाराज
    5. पूज्य गुरुदेव उपाध्याय श्री गुप्तिसागर जी मुनिराज का चातुर्मास गुप्तिधाम तीर्थ क्षेत्र मे

    Topics: Muni Chaturmas | No Comments »

    Comments are closed.