Jain Aarti
महावीर वंदना
Wednesday, July 22nd, 2009त्रिशला के लाल तेरा कैसा है कमाल
नहीं तन पे रुमाल फिर भी तू महाराज है
जीत लिया काल काट कर्मों का जाल
नोच दिए सब बाल तेरे वीरता के काज हैं
तप का धमाल तेरे त्याग का धमाल
तेरी सधी हुई चाल तेरा दुनिया पे राज है
धरती निहाल, तो पे आसमां निहाल; सारी
जगती निहाल तू त्रिलोक सरताज है
महावीर स्वामी [...]






































